मैं एक क़दम बढ़ाऊँगी, तुम ज़िंदगी भर का साथ समझना... मैं ख़ामोशी से देखूँगी, तुम मेरी हर बात समझ लेना... मैं नज़र झुकाऊँगी, तुम मेरी हाँ समझना लेना... मैं अपना हाथ बढ़ाऊँगी, तुम उम्रभर के लिए थाम लेना... मैं पलकें उठा के देखूँगी, तुम सीने से लगा लेना...

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